अच्छाई ज्यादातर लोग अच्छाई के बदले अच्छाई और बुराई के बदले बुराई के नियम को अपनाते हैं। अगर आप किसी पर कीचड़ उछालते हैं तो बदले में वह भी आपकी छवि खराब करेगा। यदि आप किसी की प्रशंसा करते हैं तो बदले में वह भी आपकी तारीफ करेगा। यदि आप बिजनेस में किसी को फायदा पहुँचाते हैं, तो वह भी आपको लाभ पहुँचाएगा। ♦— ۞—♦ ज्यादातर
वैवाहिक संबंध पैसे के अभाव में टूटते हैं। यह सिर्फ कहने की बात नहीं है कि जब गरीबी सामने के दरवाजे से दस्तक देती है तो प्रेम का पहिया पिछले दरवाजे की ओर सरपट घूमने लगता है। ♦— ۞—♦
अभ्यास अभ्यास ही परिपूर्ण बनाता है। ♦— ۞—♦ आठवाँ अभ्यास है—रोमांस। रोमांस की कोई सर्वमान्य परिभाषा नहीं बनती। यह आपकी अपनी रुचि और स्वभाव पर निर्भर है, जो रोमांस उम्रदराज होने के बावजूद आपके जोश व उत्साह को युवा बनाए रखे। अज्ञानता असहिष्णुता अकसर भय या अज्ञानता की वजह से पैदा होती है। ♦— ۞—♦
असहिष्णुता की वजह है अज्ञानता, जिसे सीधे-सीधे ज्ञान की कमी कह सकते हैं। अधिकार किसी को किसी भी विषय पर अपना मत देने का अधिकार नहीं, यदि उसने उस मत तक पहुँचने के लिए उस विषय से जुड़े तमाम उपलब्ध तथ्यों को तर्क की कसौटी पर नहीं कसा है।
♦— ۞—♦ वोट के अधिकार का इस्तेमाल करके ही बेईमान और अक्षम लोगों को अपदस्थ किया जा सकता है। अनुभव जिसे हम ‘अनुभव’ कहते हैं, उसमें काफी हद तक वे बातें शामिल होती हैं, जिन्हें हमने गलतियों से सीखा है। वे गलतियाँ हमारी अपनी होती हैं और दूसरों की भी, लेकिन इन गलतियों से सीखे गए सबक को कभी नजरअंदाज मत करो।
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